दारिद्र्य दुख दहन शिव स्तोत्र Daridraya Dukha Dahana Shiva Stotram Full with Lyrics | Shiv Song
Description
🔱 दारिद्र्य दुःख दहन शिव स्तोत्र 🔱
“दारिद्र्य दुःख दहन शिव स्तोत्र” भगवान महादेव को समर्पित एक अत्यंत शक्तिशाली और कल्याणकारी स्तोत्र है। 🙏 Adi Shankaracharya ji dwara rachit maana jaane wala yeh Shiv Stotram bhakton ke jeevan se daridrata, dukh aur negativity ko door karne ki prarthana karta hai।
Mahadev ko Bholenath, Ashutosh aur Karuna Sagar ke roop mein pooja jaata hai। Unki kripa se bhakton ke jeevan mein shanti, samriddhi, positivity aur spiritual upliftment ka pravesh hota hai। 🌙✨
“Daridraya Dukha Dahana Shiva Stotram” ka shravan aur paath bhakton ko Mahadev ke charnon mein samarpit karta hai aur unki divine blessings ka anubhav karata hai। Yeh stotram sirf bhautik samriddhi hi nahi balki manasik shanti aur aatmika unnati ke liye bhi bahut mahatvapurn maana jaata hai।
✨ Shiva Stotram Sunne Ke Labh:
🔱 Mann ko shanti aur positivity milti hai
🔱 Negative thoughts aur stress kam hote hain
🔱 Spiritual strength aur devotion badhta hai
🔱 Mahadev ki divine blessings prapt hoti hain
🔱 Ghar mein peaceful aur devotional atmosphere banta hai
🔱 Inner confidence aur faith majboot hota hai
🕯️ Best Time To Listen:
• Brahma Muhurat
• Sawan Somwar
• Mahashivratri
• Daily Shiv Pooja ke samay
• Meditation aur spiritual practice mein
• Raat ko sone se pehle
🌌 Is divine Shiva Stotram ko headphones ke saath suniye aur Mahadev ki sacred vibrations ko feel kijiye। Har din Shiv naam ka smaran jeevan mein shanti, positivity aur divine grace lekar aata hai। ✨
Title :- Daridrya Dukh Dahan Shiv Stotra
Singer :- Ajit Parab, Amol Bawdekar
Music :- Vivek Prakash
Video :- Mindpro Agency
Label :- Times Music Spiritual
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Daridrya Dukh Dahan Shiv Stotra
विश्वेश्वराय नरकार्णवतारणाय कर्णामृताय शशिशेखरधारणाय।
कर्पूरकांतिधवलाय जटाधराय दारिद्र्यदुःखदहनाय नमः शिवाय॥
भगवान शिव सम्पूर्ण ब्रह्मांड के स्वामी हैं, जिनका स्मरण जीवन के दुखों और कष्टों से मुक्ति दिलाता है।
वे चंद्रमा को धारण करने वाले, उज्ज्वल स्वरूप वाले तथा भक्तों की दरिद्रता और दुखों का नाश करने वाले हैं।
गौरीप्रियाय रजनीशकलाधराय कालांतकाय भुजगाधिपकंकणाय। गंगाधराय
गजराजविमर्दनाय दारिद्र्यदुःखदहनाय नमः शिवाय॥
भगवान शिव माता गौरी के प्रिय हैं, मस्तक पर चंद्रमा धारण करते हैं और अपनी जटाओं में पवित्र गंगा को विराजमान रखते हैं।
वे मृत्यु के भी स्वामी हैं तथा अपने भक्तों के सभी दुख, कष्ट और दरिद्रता का नाश करते हैं।
भक्तिप्रियाय भवरोगभयापहाय उग्राय दुर्गभवसागरतारणाय। ज्योतिर्मयाय गुणनामसुनृतकाय दारिद्र्यदुःखदहनाय नमः शिवाय॥
भगवान शिव भक्तों पर प्रेम और कृपा बरसाते हैं तथा संसार के दुख, भय और कष्टों को दूर करते हैं।
वे जीवन रूपी सागर से पार लगाने वाले, प्रकाशस्वरूप और दरिद्रता का नाश करने वाले हैं।
चर्माम्बराय शवभस्मविलेपनाय भालेक्षणाय मणिकुण्डलमण्डिताय। मंजीरपादयुगलाय जटाधराय दारिद्र्यदुःखदहनाय नमः शिवाय॥
भगवान शिव बाघ की खाल धारण करते हैं, शरीर पर भस्म लगाते हैं और अपने तीसरे नेत्र से ज्ञान एवं शक्ति का प्रतीक स्वरूप प्रकट करते हैं।
वे सुंदर जटाधारी हैं तथा अपने भक्तों के दुख, कष्ट और दरिद्रता का नाश करने वाले हैं।
पञ्चाननाय फणिराजविभूषिताय हेमांशुकाय भुवनत्रयमण्डिताय। आनन्दभूमिवरदाय तमोमयाय दारिद्र्यदुःखदहनाय नमः शिवाय॥
भगवान शिव पंचमुखी स्वरूप में समस्त दिशाओं की रक्षा करते हैं, सर्पों को आभूषण रूप में धारण करते हैं और तीनों लोकों का कल्याण करते हैं।
वे अज्ञान के अंधकार को दूर कर भक्तों के जीवन में ज्ञान, आनंद और समृद्धि का प्रकाश फैलाते हैं तथा दरिद्रता का नाश करते हैं।
भानुप्रियाय भवसागरतारणाय कालान्तकाय कमलासनपूजिताय। नेत्रत्रयाय शुभलक्षणलक्षिताय दारिद्र्यदुःखदहनाय नमः शिवाय॥
भगवान शिव संसार रूपी सागर से पार लगाने वाले, काल के भी महाकाल और तीन नेत्रों से युक्त सर्वशक्तिमान देव हैं।
वे ब्रह्माजी सहित सभी देवताओं द्वारा पूजनीय हैं तथा अपने भक्तों के दुख, कष्ट और दरिद्रता का नाश करते हैं।
रामप्रियाय रघुनाथवरप्रदाय नागप्रियाय नरकार्णवतारणाय। पुण्येषु पुण्यभरिताय सुरार्चिताय दारिद्र्यदुःखदहनाय नमः शिवाय॥
भगवान शिव श्रीराम के प्रिय हैं, भक्तों को वरदान देने वाले हैं और संसार रूपी दुखों के सागर से पार लगाते हैं।
वे परम पुण्यस्वरूप, सभी देवताओं द्वारा पूजनीय तथा भक्तों के दुख और दरिद्रता का नाश करने वाले हैं।
मुक्तेश्वराय फलदाय गणेश्वराय गीतप्रियाय वृषभेश्वरवाहनाय। मातंगचर्मवसनाय महेश्वराय दारिद्र्यदुःखदहनाय नमः शिवाय॥
भगवान शिव मुक्ति प्रदान करने वाले, कर्मों का फल देने वाले और समस्त गणों के स्वामी हैं, जो भक्तों के भजन-कीर्तन से प्रसन्न होते हैं।
वे नंदी की सवारी करते हैं, देवों के देव महेश्वर हैं तथा भक्तों के दुख, कष्ट और दरिद्रता का नाश करते हैं।
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“Har Har Mahadev” 🔱
🕉️ Om Namah Shivaya
🔱 Har Har Mahadev
🌙 Jai Bholenath
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